सिडनी में अक्षयवट
May 7, 2026

सिडनी में अक्षयवट

By Alka Sinha

6 अप्रैल 2026 को सिडनी के रॉयल बॉटैनिक गार्डन (Royal Botanic Garden) में 150 वर्ष पुराने भारतीय बरगद से मिलना जैसे किसी ऋषि का साक्षात्कार था। भारत का दिया और ऑस्ट्रेलिया का लिया वह बीज आज सिडनी में आकाश छूता हुआ ‘अक्षयवट’ बन खड़ा है। अथर्ववेद में सनातन के इस प्रतीक को ‘विश्वरूप’ की संज्ञा दी गई है। यह विशाल वृक्ष मानो कह रहा हो — जड़ें मज़बूत हों तो पहचान भी अमर रहती है।

1816 में स्थापित यह प्राचीन उद्यान, रॉयल बॉटैनिक गार्डन ‘वृक्षो रक्षति रक्षितः’ की जीवंत अभिव्यक्ति है और अपना बरगद एक मौन ऋषि-सा साक्षी।

निकट ही मिसेज मैक्वेरीज़ चेयर (Mrs Macquarie’s Chair) प्रेम और प्रतीक्षा की वह शिला है जहां एलिज़ाबेथ मैक्वेरी कभी अपने वतन इंग्लैंड से आने वाले जहाज़ों की राह देखती थीं। यहां से ओपेरा हाउस के सीपनुमा पाल और हार्बर ब्रिज के लौह मेहराब का विहंगम दृश्य दिखाई देता है। लगता है, एलिज़ाबेथ का वह अनंत प्रतीक्षा-क्षण आज हर सैलानी की आंखों में आकर पूर्णता पाता है।